परिचय

15 अगस्त, 1999 को प्रारम्भ हुई यह पत्रिका निरन्तर व नियमित प्रकाशन के साथ आज भारत की प्रमुख बाल-पत्रिका के रूप में स्थापित हो चुकी है| देश के कोने-कोने में फैले बाल-पाठक इसका बेसब्री से इंतज़ार करते हैं!

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उत्तरदायित्व

हमारी दृढ और अनुभवी टीम सुनिशित करती है की ...

बालक के सामने संभावित लम्बा समय होता है| उसमें अच्छे संस्कार आ जाते है तो भावी युवा और भावी वृद्ध भी अच्छा होता है| ‘बच्चों का देश’ बाल पीढ़ी के ज्ञानवर्धन और संस्कार निर्माण की दिशा में उठा हुआ एक सशक्त प्रयासरूप कदम है| १००वा अंक विगत ९९ अंकों की मजबूत वेदिका पर अवस्थित होकर सद्ज्ञान और सदाचार की गौरव की प्रस्तुत करने में सफल बने| मंगल कामना|
- आचार्य श्री महाप्रज्ञ

− आचार्य श्री महाप्रज्ञ